जून १९९४ में जेम्स फाउंटेन ने बताया की उसे अपनी गेराज की एक मेज में २९ साल की सिंथिया एप्प्स के अवशेष मिले हैं | उसने कहा उसे नहीं पता की वह शव वहां कैसे पहुंचा और उसने पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया |जांच से पता चला की एप्प्स ने मृत्यु से पहले यौन सम्बन्ध स्थापित किये थे और उसके बाद उसको चाकू मार दिया गया था | उसके शव को बुरी तरह से काटा गया था ताकि उसे आसानी से नष्ट किया जा सके | उसका सर धड से लगभग अलग सा ही था | 

२०१० में बफैलो पुलिस विभाग के जांचकर्ता चार्ल्स अरोनिका और लिस्सा रेडमोंड ने दुबारा जांच को शुरू किया और फाउंटेन जो अब ५० साल का था उस के अतीत की खोज करनी प्रारंभ की | अब तक उसपर कई बलात्कार के इलज़ाम थे और वह एक क़त्ल की सजा काट रहा था | उसने केन्द्रीय न्यूयॉर्क मनोरोग केंद्र में भी समय बिताया था | पुलिस ने उसके डीएनए नमूने को १९९४ के क़त्ल के सबूतों से मिलाया | वह मेल खा गए | 
जब उसको नतीजे दिखाए गए तो फाउंटेन ने गुनाह कबूल लिया और उसे 1 जुलाई २०१३ को  २३ साल की जैल की सजा हुई |

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