बेगुनाह या गुनेह्गार

हांलाकि कानून का काम है सही फैसले देना कई बार ऐसा नहीं हो पाता | ऐसी सूरत में कई बार लोगों को कई साल तक जेल की सजा काटनी पड़ती है उसके बाद उनके हक में फैसला होता है | कई बार तो वो फैसला जब तक आता है व्यक्ति जेल में रहने का आदि हो जाता है या फिर मृत्यु को प्राप्त हो जाता है | आईये जानते हैं ऐसे ही कुछ पेचीदा केस के बारे में जहाँ लोगों की जिंदगी एक गलत फैसले की वजह से बदल गयी |

Please join our telegram group for more such stories and updates.

Books related to बेगुनाह या गुनेह्गार


बेगुनाह या गुनेह्गार
बोनी और क्लाइड
बॉलीवुड के 10 रहस्य जो हमारे ज़हन में आज भी ताज़ा हैं